Ibne Insha Ki Shero Shayari: Verses from a Literary Maestro (Hindi Edition)

Date:


Price: $0.99
(as of Sep 10, 2024 04:33:19 UTC – Details)



अपने अंदाज-ए-बयां के लिए मशहूर उर्दू के करिश्माई सूफी शायर इब्ने इंशा ख़ामोशी को ज़ुबान देनेवाले शायर थे। उनका असली नाम शेर मुहम्मद खान था। शेर मुहम्मद खान का जन्म पंजाब के जालंधर जिले की फिल्लौर तहसील में 15 जून, 1927 को हुआ। 1946 में पंजाब यूनिवर्सिटी से बी.ए. और 1953 में कराची यूनिवर्सिटी से एम.ए. की पढ़ाई की। विभाजन से पहले वे ऑल इंडिया रेडियो में कार्यरत रहे। विभाजन के बाद कराची चले गए और पकिस्तान रेडियो में काम करने लगे। बाद में वे पकिस्तान के कौमी किताब-घर के डायरेक्टर बने और यूनेस्को में भी कुछ समय अपनी सेवाएँ दीं। इब्ने इंशा यात्रा लेखक, स्तंभकार तथा व्यंग्यकार भी रहे।
इब्ने इंशा की रचनाओं में फ़ारसी के मशहूर शायर अमीर ख़ुसरो की झलक मिलती है, लेकिन उनकी शायरी में फ़ारसी से ज़्यादा ठेठ हिंदी शब्दों का प्रयोग हुआ है।
पाकिस्तान रेडियो पर एक साक्षात्कार में अपना हाले-दिल उन्होंने कुछ यों बयां किया—‘शेर मोहम्मद खान मैं कभी रहा ही नहीं। लिखने और प्रकाशित होने की हद तक इब्ने इंशा ही रहा। स्कूली कागज़ों में बेशक शेर मोहम्मद खान नाम दर्ज रहा, अब तो वो भी नहीं, लेकिन इस नाम से पुकारा कभी नहीं गया। छठीं जमात से ही 11 साल की उम्र में लिखना शुरू कर दिया। गाँव से दूर लुधियाना के एक स्कूल में पढ़ने आया। जैसा कि होता है, छोटी जगह से बड़ी या नई जगह आने पर तनहाई घेर लेती है, सो हम भी उससे घिरे और ‘मायूस आबादाबादी’ होकर लिखने लगे। स्कूल के एक शिक्षक ने कहा, ‘मायूस होना गुनाह है, तुम अपना कोई और नाम रखो।’ फिर हमने कैसर तख्ल्लुस रखा। इस नाम से एक दीवान भी प्रकाशित हुआ और बँटवारे के बाद मची तबाही में खो भी गया।’
इब्ने इंशा की ग़ज़ल ‘कल चौदहवीं की रात थी, शब भर रहा चर्चा तेरा’ को ग़ुलाम अली ने गाकर अमर कर दिया। जगजीत सिंह ने भी इनकी कई ग़ज़लों को अपनी आवाज दी।
11 जून, 1978 को महज़ 51 साल उम्र में लंदन में उनका निधन हो गया।

Ibne Insha Ki Shero Shayari by Mahesh Dutt Sharma: Immerse yourself in the world of poetry and shayari with this collection dedicated to the works of Ibne Insha. Mahesh Dutt Sharma compiles a selection of Ibne Insha’s poetic gems, allowing readers to savor the beauty of his shayari.

Key Aspects of the Book “Ibne Insha Ki Shero Shayari”:
Poetic Tribute: The book serves as a tribute to the renowned poet Ibne Insha, featuring a selection of his most memorable shayari.
Emotional Depth: Readers can explore the emotional depth and lyrical beauty of Ibne Insha’s poetic expressions.
Artistic Appreciation: “Ibne Insha Ki Shero Shayari” celebrates the art of shayari and poetry, inviting readers to appreciate the poetic brilliance of Ibne Insha.

Mahesh Dutt Sharma is the compiler of this collection, paying homage to the legendary poet Ibne Insha and sharing his timeless shayari with a wider audience.

ASIN ‏ : ‎ B08HLN11QD
Publisher ‏ : ‎ Prabhat Prakashan (September 7, 2020)
Publication date ‏ : ‎ September 7, 2020
Language ‏ : ‎ Hindi
File size ‏ : ‎ 1574 KB
Text-to-Speech ‏ : ‎ Enabled
Screen Reader ‏ : ‎ Supported
Enhanced typesetting ‏ : ‎ Enabled
Word Wise ‏ : ‎ Not Enabled
Sticky notes ‏ : ‎ On Kindle Scribe
Print length ‏ : ‎ 69 pages

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Essential Newsletter

We're happy you decided to visit our website.
Please take a few seconds and fill in the list details in order to subscribe to our list.
You will receive an email to confirm your subscription, just to be sure this is your email address.

Popular

More like this
Related